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कार्तिक स्नान

भोर से पहले स्नान का एक महीना।

कब पड़ता है

16 अक्टूबर 2027 से 14 नवंबर 2027

हर की पौड़ी, हरिद्वार के सूर्योदय के अनुसार

नियम
संपूर्ण कार्तिक मास, पूर्णिमांत गणना में आश्विन पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक
कौन-सा दिन
सूर्योदय (उदयव्यापिनी)
ऋतु का हर दिन सूर्योदय पर लिया जाता है। अमांत गणना वाले घाट कृष्ण पक्ष को दूसरे मास के नाम से पुकारते हैं; दिन वही रहते हैं।
महत्व
लौटने वाला पर्व
आवृत्ति
कई दिनों की ऋतु
यहीं गणना, दृक पंचांग से मिलान

यह क्या है

कार्तिक स्नान एक दिन नहीं, एक महीना है। पूरा कार्तिक मास भोर से पहले रोज़ स्नान, शाम को दीप और हल्के भोजन की ऋतु के रूप में रखा जाता है। उत्तर के घाटों की पूर्णिमांत गणना में यह आश्विन की पूर्णिमा से कार्तिक की पूर्णिमा तक चलता है। जो इसे पूरा रखते हैं वे तीस दिन हर सुबह उठते हैं। बहुत लोग पहला दिन, आख़िरी दिन और बीच के जितने दिन बन पड़ें, उतने रखते हैं।

कहाँ रखा जाता है

चार जल यह महीना रखते हैं। इसकी कोई एक सुबह बैठिए, या पूरी तीस।

  • गंगा

    हर की पौड़ी, हरिद्वार

    पूर्णिमांत गणना

    हर की पौड़ी इस महीने को रोज़ के नियम की तरह रखती है, और जिस घड़ी की यह माँग करता है उस घड़ी घाट सबसे शांत होता है।

  • त्रिवेणी संगम

    संगम, प्रयागराज

    पूर्णिमांत गणना

    संगम पर कार्तिक स्नान पूरा महीना चलता है।

  • यमुना

    विश्राम घाट, मथुरा

    पूर्णिमांत गणना

    कार्तिक मथुरा का अपना महीना है। विश्राम घाट इसे हर शाम जल पर दीप रखकर मनाता है।

  • शिप्रा

    रामघाट, उज्जैन

    पूर्णिमांत गणना

    रामघाट स्नान का महीना रखता है। इसके अंत के पास की वैकुंठ चतुर्दशी उज्जैन की अपनी रात है।

बेलाएँ

  • ब्रह्म मुहूर्त

    लगभग 48 मिनट

    सूर्योदय से

    परिभाषा
    सूर्योदय से रात के दो मुहूर्त पहले से एक मुहूर्त पहले तक। रात का मुहूर्त रात का पंद्रहवाँ भाग है, विषुव पर लगभग 48 मिनट और सर्दियों में अधिक।

    ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले आता है, इसलिए यह उस पंचांग-दिवस का है जो पिछले सूर्योदय पर शुरू हुआ था, और इसके साथ लिखी अंग्रेज़ी तारीख़ अगले दिन की होती है। यह पंचांग दोनों को अलग रखता है।

  • प्रातः स्नान

    लगभग 96 मिनट

    सूर्योदय से

    परिभाषा
    सूर्योदय से दिन के दो मुहूर्त बाद तक। दिन का मुहूर्त दिनमान का पंद्रहवाँ भाग है, विषुव पर लगभग 48 मिनट और गर्मियों में अधिक।

    यह बेला सूर्योदय के बाद है, इसलिए इसका पंचांग-दिवस और इसकी अंग्रेज़ी तारीख़ एक ही होते हैं।

हर समय पहले घाट का दिया जाता है, और उसके साथ आपके समयक्षेत्र का। घड़ी कैसे पढ़ी जाती है

यहीं गणना, दृक पंचांग से मिलान

समय कहाँ से आता है

स्रोत
यहीं गणना, दृक पंचांग से मिलान
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रापक्ष)
घाट के निर्देशांक
हर की पौड़ी, हरिद्वार: 29.9457, 78.1642

शास्त्रीय आधार

कार्तिक स्नान-व्रत का वर्णन कार्तिक माहात्म्य साहित्य में है। उद्धरण योग्य संस्करण और अंश अभी जोड़ा जाना है।

यहाँ की हर तिथि गणना से आती है: घाट के सूर्योदय पर तिथि, जिस संक्रांति को समेटे वह मास, और लाहिड़ी अयनांश के अनुसार सूर्य का हर राशि में प्रवेश। तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय और बेलाएँ हरिद्वार के लिए सितंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच आठ दिनों पर दृक पंचांग से मिलाई गईं, मिनट तक। तिथियाँ हर सुबह आगे बढ़ती हैं।

यहीं गणना, दृक पंचांग से मिलान